पूजा केवल एक अनुष्ठान नहीं, बल्कि ईश्वर से जुड़ने और जीवन में सुख-शांति प्राप्त करने का माध्यम है। पूजन से नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है, ग्रहों का संतुलन बनता है और आध्यात्मिक उन्नति होती है।
भगवान गणेश को प्रथम पूज्य देवता माना जाता है। यह पूजा किसी भी शुभ कार्य की सफलता और जीवन में आने वाली बाधाओं को दूर करने के लिए की जाती है।
भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने के लिए यह पूजा की जाती है। इसे करने से स्वास्थ्य, दीर्घायु और नकारात्मक ऊर्जा से रक्षा मिलती है।
यह पूजा शिवलिंग पर विभिन्न पवित्र पदार्थों से अभिषेक कर भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने के लिए की जाती है। इससे मन को शांति और शक्ति मिलती है।
देवी लक्ष्मी की कृपा प्राप्त करने के लिए यह पाठ किया जाता है। इसे करने से धन, समृद्धि और सौभाग्य में वृद्धि होती है।
यह पूजा जन्म कुंडली में ग्रह दोषों के निवारण और जीवन में शांति व स्थिरता बनाए रखने के लिए की जाती है।
भगवान विष्णु की यह पूजा किसी भी शुभ अवसर पर की जाती है। इसे करने से परिवार में सुख, समृद्धि और शांति बनी रहती है।
माँ दुर्गा की कृपा प्राप्त करने के लिए किया जाने वाला यह पाठ जीवन की बाधाओं और नकारात्मक शक्तियों को दूर करता है।
आत्मबल, ऊर्जा और आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए यह पूजा की जाती है। इसे करने से सफलता और मानसिक शक्ति प्राप्त होती है।
यदि किसी की कुंडली में कालसर्प दोष हो, तो यह पूजा विपरीत परिस्थितियों से मुक्ति दिलाने और सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाने में सहायक होती है।
पूर्वजों की आत्मा की शांति और आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए यह पूजा की जाती है। इससे परिवार में सुख-समृद्धि और कल्याण होता है।
यदि आप आध्यात्मिक मार्गदर्शन चाहते हैं, प्रवचन में सम्मिलित होना चाहते हैं, या आश्रम की यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो हम आपका स्वागत करते हैं। किसी भी जानकारी के लिए हमसे संपर्क करें।