सेवा केवल एक कर्तव्य नहीं, बल्कि आत्मा को शुद्ध करने का सर्वोत्तम मार्ग है। दूसरों की सेवा करके हम न केवल उनके जीवन में खुशियाँ लाते हैं, बल्कि अपने जीवन को भी आध्यात्मिक उन्नति की ओर ले जाते हैं। ग्लोबल वैदिक फाउंडेशन निःस्वार्थ सेवा के विभिन्न कार्यों के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए प्रतिबद्ध है।
गाय को सनातन धर्म में माता का स्थान प्राप्त है। गौ सेवा करने से आध्यात्मिक पुण्य की प्राप्ति होती है और समाज में धर्म, करुणा एवं सेवा भाव बढ़ता है। इस सेवा के अंतर्गत गौशालाओं में गायों की देखभाल, चारा व्यवस्था, चिकित्सा सहायता और गौ संरक्षण के कार्य किए जाते हैं।
भूखों को भोजन कराना परम धर्म माना गया है। भंडारा सेवा के माध्यम से निःस्वार्थ रूप से भोजन वितरण किया जाता है, जिससे कोई भी व्यक्ति भूखा न रहे। यह सेवा विशेष रूप से धार्मिक आयोजनों, त्यौहारों और आपातकालीन परिस्थितियों में की जाती है।
हमारा धर्म केवल मनुष्यों की सेवा तक सीमित नहीं, बल्कि प्रकृति और पर्यावरण की रक्षा भी हमारा कर्तव्य है। वृक्षारोपण, जल संरक्षण, स्वच्छता अभियान और प्लास्टिक मुक्त भारत जैसी पहल इस सेवा का प्रमुख अंग हैं, जिससे धरती को स्वच्छ और हरा-भरा बनाया जा सके।
जीवन के अंतिम पड़ाव में बुजुर्गों को प्रेम, सहारा और सम्मान की आवश्यकता होती है। वृद्धाश्रम सेवा के तहत उन्हें भोजन, स्वास्थ्य सुविधाएँ, मानसिक समर्थन और सम्मानजनक जीवन प्रदान किया जाता है, जिससे वे अपने जीवन के इस चरण को शांति और सुख के साथ व्यतीत कर सकें।
यदि आप आध्यात्मिक मार्गदर्शन चाहते हैं, प्रवचन में सम्मिलित होना चाहते हैं, या आश्रम की यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो हम आपका स्वागत करते हैं। किसी भी जानकारी के लिए हमसे संपर्क करें।